पश्चिम बंगाल फतह के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश नेतृत्व को बड़े पैमाने पर कम से कम आधी सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। इस बीच चुनाव पूर्व किए गए एक सर्वे में इस बात का दावा किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा को बड़ी सफलता मिलने वाली है। दरअसल सी वोटर की ओर से किए गए इस सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। गुरुवार को ही यह रिपोर्ट सार्वजनिक की गई थी। शुक्रवार को इस बारे में बताया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा राज्य की 42 में से 16 सीटें जीत सकती है। इसमें बताया गया है कि ग्रामीण बंगाल में बड़े पैमाने पर भाजपा को सफलता मिलेगी एवं मत प्रतिशत भी कम से कम 08 गुना बढ़ेगा।
ज्ञात हो कि 2014 के मोदी लहर में भी पश्चिम बंगाल में भाजपा को केवल दो लोकसभा की सीटें मिली थीं। ऐसे में अगर सी वोटर का यह दावा सही साबित होता है तो निश्चित तौर पर इसे भाजपा की बड़ी सफलता कही जाएगी। इसमें इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल को केवल 25 सीटें ही मिल पाएंगी। 2014 में तृणमूल को 33 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार 8 सीटें कम हो जाएंगी।
 सर्वे में इस बात का उल्लेख किया गया है कि 34 सालों तक बंगाल की सत्ता पर काबिज रहने वाली वामपंथी पार्टियों को लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिलेगी। हालांकि कांग्रेस को मालदा या मुर्शिदाबाद में कम से कम एक सीट मिलने का दावा किया गया है।
ज्ञात हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी बड़े पैमाने पर पश्चिम बंगाल में अपनी संगठन क्षमता को मजबूत करने में सफल हुई है। हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में इसके प्रमाण भी मिले हैं एवं ग्रामीण बंगाल के अधिकतर क्षेत्रों में मतदान के दौरान व्यापक हिंसा और छापेमारी के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशियों को मात देकर भाजपा बोर्ड गठन कर चुकी है।
माकपा और कांग्रेस को काफी पीछे छोड़कर राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बन चुकी भाजपा को रोकने के लिए तृणमूल सुप्रीमो लगातार विपक्षी दलों की प्रदेश में भी एकजुटता का आह्वान करती रही हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में ना तो कांग्रेस और ना ही माकपा ने ममता के आह्वान को महत्व दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री समेत सत्तारूढ़ पार्टी या राज्य में विपक्ष के नेता लगातार प्रत्येक मुद्दे पर केवल और केवल भाजपा पर हमला कर रहे हैं।यह सारी चीजें इस बात की ओर संकेत करती हैं कि राज्य में पार्टी की क्षमता बेहद मजबूत हुई है। इस बीच सी वोटर का सर्वे उस समय आया है जब लोकसभा चुनाव में कमोबेश छह महीने का समय है। ऐसे में यह भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले 06 महीनों के अंदर यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है क्योंकि राज्य में एक के बाद एक हो रही घटनाएं जैसे फ्लाईओवर गिरना, मेडिकल कॉलेज में आग, छात्रों पर गोलीबारी, बम ब्लास्ट आदि की वजह से सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है एवं भाजपा राज्य भर में आंदोलन के जरिए इसे भुनाने में जुटी हुई है।