शपथ समारोह में एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. 
मनसुख मांडविया और फग्गन सिंह कुलस्ते पद और गोपनीयता की शपथ लेने के दौरान अपने नाम से पहले मैं लगाना भूल गए. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तुरंत भूल सुधार कराया और दोनों मंत्रियों से दोबारा अपने नाम के साथ मैं जोड़ने को कहा. राष्ट्रपति यह कहते हुए सुने गए कि मंत्री जी अपने नाम के साथ मैं लगाइए.
मनसुख मांडविया वही नेता हैं जिन्हें संसद में साइकिल से जाने  के लिए जाना जाता है ! कुलस्‍ते पार्टी का सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा माने जाते हैं. कुलस्ते का विवादों से भी नाता रहा है. कुलस्ते ने ही संसद में नोंटों का बंडल लहराया था !
दो और मंत्री रहे जिन्हें राष्ट्रपति ने भूल सुधार कराया. बिहार से सांसद नित्यानंद राय जब शपथ ले रहे थे तब वे अक्षुण्ण नहीं बोल पाए. राष्ट्रपति ने तुरंत उन्हें रोक कर अक्षुण्ण बोलने को कहा. इसके बात रतन लाल कटारिया भी पद और गोपनीयता की शपथ लेते वक्त गलती करते दिखे. वे अपने शपथ संबोधन में 'सभी प्रकार के लोगों' कहना भूल गए. राष्ट्रपति ने उन्हें रोक कर भूल सुधार कराया.