नई दिल्ली: गुजरात चुनाव में सियासी पारा गरम है. आज चुनावी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आमने सामने थे. इस दौरान राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर दौरे को लेकर विवाद हो गया. मामला यहां तक आ पहुंचा कि राहुल गांधी को हिंदू साबित करने के लिए कांग्रेस को उनका जनेऊ तक दिखाना पड़ा.

somnath

पहले जानें विवाद क्या है- 

चुनाव प्रचार के लिए गुजरात में डटे राहुल गांधी आज अहमद पटेल के साथ सोमनाथ मंदिर में पूजा औऱ दर्शन करने पहुंचे. यहां पर मंदिर के सुरक्षा विभाग के रजिस्टर में दोनों के नाम की एंट्री दर्ज हुई. ये एंट्री कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर मनोज त्यागी ने की. हालांकि रजिस्टर में राहुल गांधी के दस्तखत नहीं हैं. लेकिन नाम दर्ज होने के कारण अब विवाद हो गया है. यहां यह भी जानना जरूरी है सोमनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं को प्रवेश के लिए सुरक्षा विभाग में जाकर रजिस्टर में नाम दर्ज करवाना पड़ता है, जबकि हिंदुओं के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है.

बीजेपी ने पूछा- धर्म से छलावा क्यों?

गैर-हिंदुओं की एंट्री वाले रजिस्टर में राहुल का नाम दिखते है बीजेपी ने फौरन हमला बोला. छोटे बड़े नेता मैदान में उतर आए और कहा कि अपनी पढ़ाई लिखाई और यात्राओं के बाद राहुल अब धर्म पर भी भ्रम फैला रहे हैं, धर्म से छलावा कर रहे हैं. बीजेपी महासचिव अनिल जैन ने ट्विटर पर लिखा, ''आप अगर सोमनाथ मंदिर जाएँ, और आप हिन्दू धर्म से नहीं हैं, तो आपको एक रजिस्टर में इस बात का ख़ुलासा करना पड़ता है. आज राहुल गांधी ने उसी रजिस्टर में अपने नाम को जोड़ दिया. देश के साथ धर्म को ले कर ऐसा छलावा?''

 

वहीं बीजेपी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, ''नेहरू जी ने जो अपने 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' में लिखा है कि मैं दुर्भाग्य से हिंदू हूं स्वभाव से क्रिश्चयन हूं और कर्म से मुसलमान हूं. इस बात का उत्तर उन्हें देना ही पड़ेगा और मुझे लगा है कि उन्होंने उत्तर दे दिया है इसीलिए सोमनाथ मंदिर के रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए हैं.''


कांग्रेस ने एंट्री को बताया फर्जी
इस मुद्दे पर सफाई देने के साथ ही कांग्रेस ने साजिश का आरोप लगाया है. कांंग्रेस ने मंदिर के रजिस्टर में हुए उस एंट्री को फर्जी बताते हुए कहा है कि कुछ लोगों ने साजिश करके मनोज त्यागी का साइन लिया और फिर बाद में उसमें राहुल गांधी का नाम जोड़ दिया. कांग्रेस ने बयान जारी करके कहा है कि रजिस्टर पर साइन की गई जो तस्वीर सामने आई है वो ना तो राहुल गांधी की लिखावट है और ना ही उनका साइन.

कांग्रेस ने रिलीज की जनेऊ वाली तस्वीर

बीजेपी के ताबड़तोड़ हमलों के बाद कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला तमाम सबूतों के साथ सफाई देने बैठे. उन्होंने कहा कि सब बीजेपी की साजिश है, रजिस्टर में तो राहुल ने एंट्री की ही नहीं. सुरजेवाला ने राहुल गांधी की तीन तस्वीरें भी जारी की. इनमें से एक में वो अपने पिता राजीव गांधी के अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां जुटाते हुए दिखते हैं.  इसमें वो जनेऊ पहने दिख रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा ''मुझे ये कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि राहुल गांधी न केवल हिंदू है बल्कि जनेऊ धारी हैं. देश के लोग देख लें कि एक बेटा जनेऊ धारण कर अपने पिता की अंतिम अस्थियां किस प्रकार से चुनता है.''
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सफाई देने के साथ सुरजेवाला ने गुजरात चुनाव को लेकर बीजेपी को निशाने पर भी लिया. उन्होंने कहा कि ''बीजेपी अब गुजरात में अपनी निश्चित हार को देखकर तिलमिलाई है, घबराई है और बौखला गई है. मैं बीजेपी से एक बात कहता हूँ कि राजनीति को पाताल से भी निम्न स्तर पर मत गिराईये. समाज की शुचिता और भारत की सभ्यता को सत्ता के हवस और अहंकार में इतना भी मत गिराइये कि न सिर्फ़ 6.5 करोड़ गुजरातियों को और 130 करोड़ देशवासियों को आपसे ग्लानि होने लगे.''


अब कांग्रेस ने जनेऊ की तस्वीर दिखाकर राहुल के हिंदू ना होने की अटकलों को खारिज किया है, लेकिन उसके जनेऊ कार्ड ने गुजरात चुनाव को एक नया मोड़ जरूर दे दिया है.