इस तस्वीर में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बड़े से पत्थर के आगे दिखाई दे रहे हैं महाबलीपुरम के एक पहाड़ी इलाके के उपरी भाग में टिके इस पत्थर को यहां के लोग कृष्णा बटर बॉल या वानिराई काल कहते हैं. वानिराई काल का मतलब होता है- आकाश के भगवान का पत्थर. इसे स्टोन ऑफ गॉड भी कहते हैं.. दिखने से ऐसा लगता है कि थोड़े से कंपन से ये विशालकाय पत्थर कभी भी पहाड़ से फिसल सकता है. लेकिन ये पत्थर पिछले 1300 साल से यहां ऐसे ही पड़ा है. पत्थर को न भूकंप हिला पाया, न सुनामी पिछले 1300 साल में इस इलाके में कई बार भूकंप आए, कई बार सुनामी आई, कई बार चक्रवात और दूसरी आपदाएं आईं लेकिन ये पत्थर टस से मस नहीं हुआ. कृष्णा बटर बॉल का वजन 250 टन है. लोगों के लिए ये हैरानी का सबब है कि इतना वजनी पत्थर इतने छोटे से कोने पर टिका कैसे है ! 1908 में मद्रास के गवर्नर आर्थर लावले ने इस पत्थर को यहां से हटवाने की कोशिश की.कहा जाता है कि इस पत्थर को हटाने के लिए सात हाथी लगाए गए लेकिन वो पत्थर को टस से मस नहीं कर पाए.