मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में बेरोजगारी दर ज्यादा होने की बात को भले ही नकारती रही लेकिन उनकी दूसरी पारी में इसकी सच्चाई सामने आ गई है। भारत में बेरोजगारी की दर 2017-18 में 45 साल के उच्च स्तर 6.1 प्रतिशत पर पहुंच गयी है।