प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2019 में होने वाला लोकसभा चुनाव 'भोले की नगरी' काशी से लड़ेंगे, लेकिन उनका चुनावी अभियान इसी महीने 'राम की नगरी' अयोध्या से होने जा रहा है। इसके सियासी मायने पर गौर किया जाए तो साफ है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर राम मंदिर मुद्दा बनेगा। हालांकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मगर फैजाबाद में सभा करने के पीछे राजनीतिक मंशा से इनकार नहीं किया जा सकता।संपर्क फॉर समर्थन अभियान के सिलसिले में बनारस आए डा. पांडेय ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में कहा कि राम जन्मभूमि हमारे एजेंडे में है और रहेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की एक बड़ी रैली 28 जून को फैजाबाद में होने जा रही है।  इसके बाद समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ में प्रधानमंत्री की दूसरी बड़ी रैली होगी।
                                 बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा गठबंधन का असर नहीं होगा। क्योंकि पीएम मोदी के सामने विपक्ष के पास कोई सर्वमान्य चेहरा नहीं है। जनता को मालूम है कि मोदी को रोकने के लिए तमाम विरोधीदल एक हो रहे हैं। उनका लक्ष्य देश को एक अच्छा शासन देना नहीं है बल्कि ऐन-केन प्रकारेण मोदी जी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोकना है।