भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में अपना आधार मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में बीजेपी की प्रदेश इकाई हिंदूवादी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद को अपने साथ जोड़ने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि असीमानंद को इसी सप्ताह मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने बरी किया गया था। असीमानंद के बरी होने के बाद ‘भगवा आतंकवाद’ के मुद्दे को लेकर भगवा दल कांग्रेस पर हमलावर हो गया था और राहुल गांधी एवं सोनिया गांधी से माफी की मांग की थी।बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने असीमानंद की मदद लेने के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मैं स्वामी असीमानंद को निजी तौर पर लंबे समय से जानता हूं। मैं उनसे बात करुंगा और उन्हें पश्चिम बंगाल लाने का प्रयास करुंगा ताकि वह यहां काम कर सकें। उन्होंने लंबे समय तक बंगाल में आदिवासियों के बीच काम किया है। वह कई तरीकों से हमारी मदद कर सकते हैं।’ सोमवार को एक विशेष आतंकवाद निरोधक अदालत ने 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में 66 वर्षीय असीमानंद और 4 अन्य को बरी कर दिया था। 
असीमानंद के छोटे भाई सुशांत सरकार फिलहाल बीजेपी की हुगली इकाई के सचिव हैं। सरकार ने कहा कि अगर उनके भाई कामकाज के लिए राज्य में लौटते हैं तो उन्हें खुशी होगी। सरकार ने कहा, ‘हमारा पूरा परिवार संघ परिवार को समर्पित है। अगर मेरे भाई बंगाल आते हैं और यहां काम करना चाहते हैं तो हम बहुत खुश होंगे।’ पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के कामारपुकार में नभ कुमार सरकार के रूप में जन्मे असीमानंद ने 1971 में विज्ञान विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी।